मां बनना अपने आप में एक सपने जैसा है लेकिन कुछ कारणों के चलते महिलाओं का यह सपना पूरा नहीं हो पाता। आज मैं आपको एक ऐसी तकनीक के बारे में बताने जा रहा हूँ जिसमे निःसंतान महिलाएँ भी माँ बन सकती हैं। यह तकनीक आईवीएफ तकनीक कहलाती है, यह थोड़ी जटिल प्रक्रिया जरूर है लेकिन लोग इसे अपना रहें हैं। चलिए इसे विस्तार से समझते हैं और देखते हैं ये कैसे काम करती है।

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IVF तकनीक क्या होती है?
आईवीएफ तकनीक एक ऐसी तकनीक होती है जिसमें महिला को कृत्रिम रूप से प्रेग्नेंट कराया जाता है। दरअसल, इसमें महिला के अंडाशय को बाहर एक डॉक्टरी विधि से बाहर निकाल कर उसे प्रयोगशाला में निषेचित किया जाता है और बाद में उस निषेचित अंडाशय को वापस महिला के में डाला जाता है। यह काफी जटिल प्रक्रिया है, इसीलिए लोग ज्यादा इससे इसकी चाहते रहते हैं। आईए जानते हैं कि यह तकनीक कैसे काम करती है?
IVF से कैसे बनते हैं बच्चे?
आप आज मैं आपको सरल शब्दों में यह बताऊंगा कि आईवीएफ तकनीक कैसे काम करती है? इस तकनीक में 5 से 6 स्टेप होते हैं जो की क्रमशः किए जाते हैं। इन्हें एक-एक करके समझना ठीक होगा।

- सबसे पहले आता है अंडाशय को उत्तेजित करना: इस प्रक्रिया में डॉक्टर एक विशेष प्रक्रिया द्वारा महिला के अंडाशय को कई अंडाशय बनाने के लिए उत्तेजित करते हैं यानी इसके लिए दवाइयां देते हैं जिससे कई छोटे अंडाशय बन जाते हैं।
- नए अंडाशय का निर्माण: डॉक्टर नए बने छोटे अंडाशय को एक जटिल विधि की सहायता से बाहर निकलते हैं। यह तकनीक सबसे कठिन होती है जो डॉक्टर बहुत सावधानी पूर्वक करते हैं।
- निषेचन की प्रक्रिया: अब डॉक्टर इन छोटे अंडाशय को प्रयोगशाला में एक प्रयोग की सहायता से शुक्राणु को अंडाशय में प्रवेश कराते हैं। इस तरह से निषेचन की प्रक्रिया होती है।
- भ्रूण का विकास: इस प्रयोगशाला में ही कुछ समय के लिए छोड़ दिया जाता है और यह प्रक्रिया होती रहती है। इस प्रक्रिया में ही भ्रूण का विकास होता है, यह एक एक मुख्य प्रक्रिया होती है।
- गर्भावस्था: जब भ्रूण पूरी तरह से तैयार हो जाता है तो उसे वापस एक पतली ट्यूब में रख दिया जाता है। इस ट्यूब की सहायता से ही एक प्रक्रिया द्वारा डॉक्टर भ्रूण को महिला के गर्भाशय में वापस छोड़ते हैं। महिला गर्भावस्था में आ जाती है।
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IVF में कितना ख़र्च आता है?
आईवीएफ तकनीक थोड़ी महंगी है इसीलिए इसे हर कोई अफोर्ड नहीं कर पाता। अगर इसमें आने वाले कुल खर्च की बात की जाए तो टोटल ₹1,00,000 से ₹3,00,000 तक का खर्च इसमें आ जाता है। इससे अधिक भी खर्च आ सकता है कभी-कभी कुछ परिस्थितियों अधिक समय लेती हैं। यह कोई सटीक खर्च नहीं है, इससे कम या ज्यादा भी हो सकता है आप अपने नजदीकी क्लीनिक या हॉस्पिटल से संपर्क करें।
आईवीएफ करने की सही उम्र
कुछ दंपतियों का यह सवाल रहता है कि कौन सी उम्र में आईवीएफ करवाना ठीक है जिससे कोई साइड इफेक्ट ना हो। यह बिल्कुल जायज सवाल है, आईवीएफ कराने की सुरक्षित उम्र 25 से 35 वर्ष है। इस आयु के बीच प्रजनन अच्छी प्रकार होता है और आईवीएफ तकनीक सफल होती है। आप डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं और उनकी सलाह के अनुसार ही आगे बढ़े।
आईवीएफ तकनीक में लगने वाला समय
आईवीएफ तकनीक में एक से डेढ़ महीने का समय लग जाता है या नहीं इस पूरी प्रक्रिया में आपको 4 से 6 सप्ताह का समय देना होगा। यह समय प्रतिबद्ध नहीं है, कभी कभी परिस्थितियों ऐसी बन जाती हैं कि इससे भी अधिक समय लग जाता है। लेकिन यह एवरेज टाइम पीरियड है जो आईवीएफ तकनीक में लगता है।
क्या आईवीएफ 100% सफल है?
यह कहना बिल्कुल ठीक नहीं की यह प्रक्रिया पूरी तरह से सफल होगी, डॉक्टर स्वयं नहीं कहते हैं कि यह प्रक्रिया 100% काम करेगी। आईवीएफ तकनीक कई बातों पर निर्भर करती है जैसे शुक्राणु की गुणवत्ता, महिला की उम्र और कई सारे फैक्ट होते हैं जो आईवीएफ तकनीक को प्रभावित कर सकते हैं।
आयुष्मान कार्ड से फ्री में IVF
अगर आपके पास आईवीएफ तकनीक के लिए बजट नहीं है तो आप आयुष्मान कार्ड योजना के तहत भी यह तकनीक करवा सकते हैं। इसमें आपको पूरा ट्रीटमेंट फ्री में सरकार की तरफ से दिया जाता है या नहीं योजना के तहत फ्री में होता है। यह भारत सरकार की एक शानदार योजना है जो निःसंतान दंपतियों के लिए वरदान जैसा है।
आईवीएफ से कितने बच्चे होते हैं?
इस तकनीक की मदद से महिला की गर्भाशय में भ्रूण को धरण करवाया जाता है इसके बाद यह प्रक्रिया कृत्रिम ना होकर प्राकृतिक हो जाती है। महिला के गर्भाशय में यह तय होता है कि बच्चे तो 2 होंगे , 3 या फिर एक। आप यह मन कर चल सकते हैं कि इसमें दो बच्चे होते हैं क्योंकि अधिक बार ऐसा देखा गया है। आईवीएफ से जुड़वा बच्चे होने की भी संभावना बनी रहती हैं। यह महिला के स्वास्थ्य पर भी कुछ निर्भर करता है।
निष्कर्ष: आईवीएफ तकनीक रामबाण जैसा
अगर आप एक निःसंतान दंपति है और आप एक बच्चे के लिए तरस रहे हैं तो आपके लिए आईवीएफ तकनीक रामबाण जैसा होगा। इस तकनीक से आप का परिवार बन सकता है और आप माता-पिता बनने का सुख पा सकते हैं। इस तकनीक को अपनाने के पहले एक बार डॉक्टर सलाह लेना बेहद जरूरी है और डॉक्टर के अनुसार ही कदम उठाना चाहिए।
डिस्क्लेमर: ऊपर दी गई जानकारी केवल सामान्य जानकारी है अगर आप इस प्रक्रिया को करवाना चाहते हैं तो डॉक्टर की गाइडेंस ले।


