अक्षय पात्र एक ऐसा नाम है जो शायद आपने स्कूल के मिड-डे मील से जुड़कर सुना होगा। यह एक गैर-सरकारी संस्था (NGO) है जो भारत के लाखों बच्चों को रोज़ाना गरम खाना पहुंचाती है। लेकिन सवाल ये है कि जो लोग इस संस्था के लिए काम करते हैं, उन्हें कितनी सैलरी मिलती है? चलिए, इस पूरी सैलरी स्ट्रक्चर को आम भाषा में समझते हैं, ताकि आपको भी साफ-साफ पता चल सके कि अक्षय पात्र फाउंडेशन में नौकरी करना फायदेमंद है या नहीं।
यह फाउंडेशन साल 2000 में शुरू हुई थी और इसका मुख्य उद्देश्य था – बच्चों को भूख से आज़ादी देना ताकि वो स्कूल आएं और पढ़ाई करें। इस विचार के पीछे इमोशन तो है ही, पर साथ में एक बहुत ही संगठित और पेशेवर ढांचा भी है।

Table of Contents
अक्षय पात्र फाउंडेशन में जॉब की श्रेणियाँ
फील्ड लेवल पर काम करने वाले कर्मचारी
इनमें शामिल हैं:
- किचन हेल्पर
- कुक
- डिलीवरी ड्राइवर
- साफ-सफाई कर्मचारी
ऑफिस स्टाफ और प्रशासनिक भूमिकाएं
- डाटा एंट्री ऑपरेटर
- एकाउंट्स असिस्टेंट
- एचआर एक्जीक्यूटिव
मैनेजमेंट और हायर पोस्ट
- ऑपरेशंस मैनेजर
- रीजनल हेड
- प्रोजेक्ट मैनेजर
अक्षय पात्र फाउंडेशन में सैलरी गाइड
अब आते हैं असली सवाल पर, सैलरी कितनी मिलती है?
हेल्पर, कुक, और फील्ड स्टाफ सैलरी
| पद | औसत मासिक वेतन |
|---|---|
| किचन हेल्पर | ₹10,000 – ₹12,000 |
| कुक | ₹12,000 – ₹15,000 |
| ड्राइवर | ₹13,000 – ₹16,000 |
ये सैलरी राज्यों के अनुसार थोड़ी बहुत ऊपर-नीचे हो सकती है।
ऑफिस स्टाफ और सुपरवाइजर की सैलरी
| पद | औसत मासिक वेतन |
|---|---|
| डाटा एंट्री ऑपरेटर | ₹14,000 – ₹18,000 |
| एचआर एक्जीक्यूटिव | ₹18,000 – ₹22,000 |
| सुपरवाइजर | ₹20,000 – ₹25,000 |
मैनेजमेंट लेवल सैलरी
| पद | औसत मासिक वेतन |
|---|---|
| प्रोजेक्ट मैनेजर | ₹30,000 – ₹45,000 |
| ऑपरेशंस हेड | ₹50,000 – ₹70,000 |
| रीजनल डायरेक्टर | ₹80,000 – ₹1,20,000 |
पीएफ, ईएसआई और अन्य लाभ
अक्षय पात्र अपने स्थायी कर्मचारियों को EPF, ESI, मेडिकल इंश्योरेंस जैसी सुविधाएं देता है। हालांकि यह सब नौकरी के स्तर पर निर्भर करता है। यहां काम के घंटे सामान्यतः तय होते हैं, सुबह 9 से शाम 6 तक। रविवार छुट्टी और त्योहारों पर भी अवकाश मिलता है।
क्या कहते हैं पुराने वर्कर?
कुछ कर्मचारियों का कहना है कि सैलरी थोड़ी कम ज़रूर है, लेकिन काम का उद्देश्य बड़ा है। वहीं कुछ को प्रमोशन और सैलरी ग्रोथ में थोड़ी देरी का अनुभव हुआ। आमतौर पर NGO सेक्टर में सैलरी कॉर्पोरेट की तुलना में कम होती है। लेकिन यहां नौकरी करने वाले लोग अपने काम से भावनात्मक रूप से जुड़ जाते हैं।
निष्कर्ष – पैसा ज्यादा जरूरी या उद्देश्य?
अगर आप सिर्फ सैलरी देख रहे हैं तो शायद आपको ये संस्था थोड़ी कम लगे। लेकिन अगर आप उस “तृप्ति” की तलाश में हैं जो सिर्फ दूसरों की मदद करने से मिलती है, तो ये जगह आपके लिए है।
FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
क्या अक्षय पात्र फाउंडेशन में फ्रेशर्स को मौका मिलता है?
हां, कई एंट्री लेवल पोस्ट्स पर फ्रेशर्स को ट्रेन्ड किया जाता है और अवसर दिया जाता है।
क्या अक्षय पात्र फाउंडेशन में सैलरी समय पर मिलती है?
जी हां, अधिकतर कर्मचारियों ने बताया कि सैलरी समय पर ही मिलती है।
क्या महिलाओं के लिए सुरक्षित कार्यस्थल है?
अक्षय पात्र फाउंडेशन में महिलाओं के लिए एक सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल है।


